


In Vitro Fertilization (IVF)
1 December 2025 को अपडेट किया गया
आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) उन कपल्स के लिए एक उम्मीद की किरण होता है, जो नेचुरल तरीक़े से गर्भधारण नहीं कर पाते हैं. हालाँकि, आईवीएफ से 100% की गारंटी नहीं देता है. कुछ मामलों में आईवीएफ फेल हो सकता है. अगर आप आईवीएफ के बारे में सोच रहे हैं, तो एक बार इसके संभावित फेल होने के कारणों के बारे में भी जान लीजिए.
आईवीएफ फेल होने के कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि-
आईवीएफ में इस्तेमाल किए गए भ्रूण (एम्ब्रियो) की क्वालिटी का महत्वपूर्ण रोल होता है. आईवीएफ की सफलता इस पर निर्भर करती है. एम्ब्रियो की क्वालिटी ठीक न होने पर वह गर्भाशय में इम्प्लांट होने में असफल हो सकता है या इससे प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में मिसकैरेज जैसी समस्या हो सकती है.
प्रेग्नेंसी के लिए भ्रूण (एम्ब्रियो) का इम्प्लांट होना बहुत ही ज़रूरी होता है. एम्ब्रियो का ठीक से इम्प्लांट न होने या उसका ठीक से विकास न होने पर आईवीएफ की असफलता की आशंका बढ़ जाती है.
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कई बार ओवरी एग रिलीज़ तो करती है लेकिन इन एग्स की क्वालिटी सही नहीं होती है और एम्ब्रियो को बनाने के लिए अच्छे एग्स की ज़रूरत होती है. ऐसे में अगर किसी महिला की ओवरी खराब क्वालिटी के एग रिलीज़ करती है तो आईवीएफ फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है.
आईवीएफ प्रोसेस में महिला पार्टनर के एग्स और पुरुष पार्टनर के स्पर्म की क्वालिटी का अच्छा होना बहुत मायने रखता है. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ एग्स और स्पर्म की क्वालिटी गिरने लगती है. बता दें कि महिलाओं में 35 वर्ष की उम्र के बाद एग्स की क्वालिटी कम होने लगती है, वहीं पुरुषों में 45 वर्ष की उम्र के बाद स्पर्म क्वालिटी खराब होने लगती है.
आईवीएफ के असफल होने का एक कारण हार्मोन्स का असंतुलन भी है. जब फॉलिकल स्टिमुलेशन हार्मोन (FSH) और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) जैसे हार्मोन्स अंसतुलित हो जाते हैं, तो इनका असर एग्स की क्वालिटी और ओव्यूलेशन की प्रोसेस पर होने लगता है.
गर्भाशय से संबंधित समस्या; जैसे कि फाइब्रॉएड या पॉलीप्स होने पर भी एम्ब्रियो को इम्प्लांट होने में परेशानी आती है. ऐसे में अगर किसी महिला को गर्भाशय से संबंधित कोई समस्या होती है, तो आईवीएफ करवाने से पहले उसे अपना इलाज करवा लेना चाहिए.
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ऐसा नहीं है कि आईवीएफ के असफल होने के कारण सिर्फ़ महिलाओं से जुड़े हैं. पुरुष पार्टनर का भी इसमें अहम रोल होता है. अगर फर्टिलाइजेशन के दौरान खराब क्वालिटी के स्पर्म का इस्तेमाल होता है तो एम्ब्रियो का विकास बाधित हो सकता है.
आईवीएफ सफल होगा या नहीं यह काफ़ी हद तक कपल्स की लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है. अगर कपल में से कोई भी अधिक धूम्रपान करता है, अल्कोहल का सेवन करता है या सही डाइट फॉलो नहीं करता है, तो यह आईवीएफ को प्रभावित कर सकता है.
आईवीएफ करवाने के बाद कपल्स को बहुत उम्मीदें होती हैं. लेकिन कुछ मामलों में जब आईवीएफ फेल होता है तो इसके लक्षण दिखने लगते हैं. आईवीएफ फेल होने के लक्षणों में शामिल हैं
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एक बार आईवीएफ फेल हो जाने के बाद कपल्स काफ़ी निराश हो जाते हैं, उन्हें लगता है कि अब कोई उम्मीद नहीं है. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. कुछ मामलों में महिलाओं को गर्भधारण के लिए एक से अधिक आईवीएफ साइकिल की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में अगर एक आईवीएफ साइकिल फेल हो जाये तो उम्मीद न हारें. अपने डॉक्टर से बात करें और आईवीएफ की दूसरी साइकिल के बारे में विचार करें. अगर आपका पहला आईवीएफ साइकिल फेल हो चुका है, तो नीचे बताई बातों पर ग़ौर करें
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आईवीएफ फेल होने पर चिंता और चिड़चिड़ापन आना लाज़िमी है, लेकिन इस समय आपको इमोशनल तौर पर स्ट्रांग रहना होगा. अपने पार्टनर, क़रीबी दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करें. ऐसी एक्टिविटी में शामिल होना शुरू करें, जिसमें आपको अच्छा महसूस होता है. योग और मेडिटेशन करें, अच्छा म्यूज़िक सुनें, अपनी पसंदीदा कोई बुक पढ़ें. हो सके तो अपने पार्टनर के साथ कुछ समय के लिए बाहर घूमने जाएँ.
रेफरेंस
1. Choe J, Shanks AL. (2023)In Vitro Fertilization.
2. Bhattacharya S, Maheshwari A, Mollison J. (2013). Factors associated with failed treatment: an analysis of 121,744 women embarking on their first IVF cycles.
3. Simon A, Laufer N. (2012). Assessment and treatment of repeated implantation failure (RIF). J Assist Reprod Genet.
4. Pearson KR, Hauser R, Cramer DW, Missmer SA. (2009). Point of failure as a predictor of in vitro fertilization treatment discontinuation.
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Written by
Jyoti Prajapati
Jyoti is a Hindi Content Writer who knows how to grip the audience with her compelling words. With an experience of more
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