

Getting Pregnant
28 May 2026 को अपडेट किया गया
नीम और हल्दी (Neem and turmeric) दोनों ही एंटी बैक्टीरियल और एंटी इनफ्लेमेटरी यानि कि सूजन घटाने वाले गुणों से भरपूर होते हैं. नीम के नियमित सेवन से बौडी को डिटौक्सिफ़ाई करने में मदद मिलती है जबकि हल्दी इमम्युनिटी बढ़ाने और कई सारे रोगों से बचाने में बेहद एफेक्टिव है.
कई लोग जानना चाहते हैं कि नीम और हल्दी एक साथ खाने से क्या होगा? जब इन्हें एक साथ खाया जाता है तो कई सारे रोगों से बचाव होने के साथ ही आपका स्वास्थ्य मजबूत बनता है. रोज़मर्रा के कामों को करने के लिए आपका स्टेमिना बना रहता है और उम्र बढ्ने के बावजूद भी शरीर निरोगी रहता है.
ये भी पढ़े : खांसी और ठंड के इलाज के लिए घरेलू उपचार
इस पोस्ट में आपको बताएँगे कि नीम और हल्दी को सुबह कैसे लेना चाहिए लेकिन उससे पहले जानते हैं नीम और हल्दी के गुणों के बारे में.
नीम और हल्दी दोनों ही कई सारे गुणों का खजाना है इसीलिए इन्हें आयुर्वेदिक दवाइयों और नुसख़ों में बहुतायत से प्रयोग किया जाता है. इनके कई सारे गुणों में से मुख्य हैं,
त्वचा से लेकर बालों की समस्या का रामबाण इलाज है नीम की पत्तियां. नीम के पानी से नहाने और सर धोने से स्कैल्प साफ और स्वस्थ रहती है वहीं रूसी और जुओं से भी छुटकारा मिलता है.
नीम और हल्दी दोनों में ही बाहरी संक्रमण को रोकने की अद्भुद ताकत होती है. इनमें मौजूद औषधीय गुणों की बात करें, तो ये एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटीपैरासिटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक और घाव भरने की प्रॉपर्टीज से भरपूर होते हैं और कई तरह के वायरल तथा बैक्टीरियल इंफेक्शन से शरीर को बचाते हैं. हल्दी कैंसर की चिकित्सा में भी बहुत गुणकारी सिद्ध हुई है.
त्वचा में कहीं भी फोड़े फुंसी या घाव हो जाने पर उस जगह को नीम के पानी से धोने पर घाव जल्दी भरने लगता है. इसके अलावा शरीर में कहीं भी गुम चोट या अंदरूनी चोट हो जाने पर उस जगह पर तुरंत हल्दी लगा लेने से तुरंत हीलिंग होने लगती है साथ ही हल्दी वाला दूध पीने से अंदरूनी चोट के दर्द में भी तुरंत आराम आ जाता है.
नीम एक अद्भुद प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर है जिससे खून में मौजूद विकारों को आसानी से साफ किया जा सकता है. खाली पेट इसकी 4-5 पत्तियाँ चबाने से शरीर में मौजूद टौक्सिन्स दूर हो जाते हैं और इसका आधा गिलास जूस पीने से खून साफ होने के साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है.
कई शोधों से यह प्रमाणित हुआ है कि करक्यूमिन जो हल्दी का मुख्य तत्व है वह बोन्स टिशूज़ को रिजेनेरेट करने और रिपेयर करने में भी बेहद मददगार है. हम घरेलू उपायों में भी हल्दी मिला हुए दूध अक्सर इस्तेमाल करते हैं जिसे पीने से जोड़ों के दर्द और सूजन में भी तुरंत आराम मिलता है.
ये भी पढ़े : अचानक वजन कम होने के कारण
नीम और हल्दी को एक साथ खाने से कई सारे स्वास्थ्य लाभ हैं जैसे कि (Neem and turmeric health benefits In Hindi)
नीम और हल्दी का प्रयोग कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को खत्म कर देता है. नीम के अविश्वसनीय फायदे हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वह कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को खत्म कर देता है. हम सब के शरीर में कैंसर सेल्ज़ बिखरे होते हैं लेकिन अगर वो एक साथ इकट्ठा होने लगें तो यह जानलेवा हो जाता है. हल्दी और नीम का प्रयोग इन कैंसर कोशिकाओं के नियंत्रण में बेहद एफेक्टिव है.
नीम अपने आप में एक प्राकृतिक क्लींजर है. जहां नीम के पानी के प्रयोग से बाहरी वातावरण से आने वाले कई सारे खतरनाक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं वहीं अंदरूनी रोग जैसे डेंगू या मलेरिया हो जाने पर नीम के पत्तों के अर्क को पीने से ब्लड में प्लेटलेट और व्हाइट ब्लड सेल्ज़ की संख्या बढ्ने लगती है और रोगी को चमत्कारिक रूप से फायदा होता है.
सुबह उठकर खाली पेट नीम के 8-10 पत्ते खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में बहुत मदद मिलती है और डायबिटीज के रोगियों के लिए यह एक प्राकृतिक दवा का काम करता है. नीम के साथ साथ हल्दी भी ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करती है और टाइप 2 डायबिटीज़ से बचाती है.
नीम और हल्दी के एंटी-बैक्टीरियल तत्व त्वचा की सफाई में लाभकारी हैं (Neem and turmeric benefits). ये स्किन इंफेक्शन दूर करते हैं और साथ ही ब्लड प्यूरिफायर होने के कारण नीम का जूस भी स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है. ये पिंपल्स हटाता है और चेहरे की चमक बढ़ाता वहीं हल्दी के प्रयोग से स्किन टोन साफ होती है और बढ़ती उम्र के निशान भी जल्दी नहीं आते.
फेफड़ों में जमा कफ निकालने में हल्दी अद्भुद काम करती है. इसके सेवन से छाती में जमा कफ को पिघलाने और बाहर निकालने में मदद मिलती है और इस गुण के कारण यह अस्थमा, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस तीनों रोगों में कारगर है. इसके साथ अगर आप नीम का सेवन करते हैं तो इसके एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पल्मनरी इन्फ्लेमेशन से सुरक्षा प्रदान करता है. नीम के एंटी-एलर्जिक गुण दमे की बीमारी में एक आयुर्वेदिक औषधि की तरह काम करते हैं.
नीम और हल्दी के गुणों का फायदा उठाने के लिए आप कई तरह से प्रयोग कर सकते हैं जैसे कि
नीम और हल्दी को बराबर मात्रा में लेकर कुछ पानी के साथ पेस्ट बना लें. इस पेस्ट की बराबर मात्रा में गोलियां बनाकर सुखा लें और सुबह उठकर खाली पेट गुनगुने पानी से इसका सेवन करें. इससे आपकी इमम्युनिटी बढ़ेगी. (Neem and turmeric for Immunity)
चेहरे के एक्ने, पिंपल के लिए ½ चम्मच हल्दी के साथ कुछ नीम की पत्तियां को उबाल लें और इस पानी से चेहरा धोएँ. इसके नियमित प्रयोग से कुछ ही दिन में त्वचा की जलन, सूजन, एक्ने और पिंपल से छुटकारा मिल जाएगा.
आप नीम की 5-7 पत्तियाँ सुबह खाली पेट खाएं जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.
आप रोज सुबह खाली पेट नीम के 4-5 कोमल पत्ते और ½ इंच कच्ची हल्दी खाकर गुनगुना पानी पी सकते हैं.
नीम की कोमल पत्तियों और हल्दी को साथ में कूटकर थोड़े गुड में मिलाकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बना लें और लगभग 1
Yes
No
Written by
Kavita Uprety
Get baby's diet chart, and growth tips


Cauliflower During Pregnancy in Hindi| क्या प्रेग्नेंसी में फूलगोभी खा सकते हैं?

How to Dispose of Diapers in Hindi | गंदे डायपर्स को कैसे डिस्पोज करें?

Sex During Periods Can Cause Pregnancy in Hindi | क्या पीरियड्स में सेक्स करने से प्रेग्नेंट हो सकते हैं?

Chalk Craving During Pregnancy In Hindi | क्या प्रेग्नेंसी में चॉक की क्रेविंग होना नॉर्मल है?

Pregnancy Symptoms Week By Week in Hindi | 33 से लेकर 40 वें हफ़्ते तक ऐसे होते हैं प्रेग्नेंसी के लक्षण! (Part 5)

Pasta During Pregnancy in Hindi | क्या प्रेग्नेंसी में पास्ता खा सकते हैं?

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |