


Bathing
21 December 2025 को अपडेट किया गया
न्यू बोर्न बेबी की त्वचा कोमल और पतली होती है. जब तक उनकी गर्भनाल स्टंप (umbilical cord stump) निकल नहीं जाती, तब तक उन्हें शुरुआती कुछ हफ्तों तक पानी और साबुन से नहलाने की ज़रूरत नहीं होती है. शुरू के कुछ हफ़्तों तक उन्हें स्पंज बाथ देना चाहिए. स्पंज बाथ देने के लिए एक स्पंज बाथ या मुलायम कपड़े को हल्के गर्म पानी में भिगो लें. इसके बाद हल्के हाथों से बेबी के पूरे शरीर को पोंछ लें. ब्लैंकेट में लपेट कर पहले बेबी के पैर पोंछे, फिर पेट और फिर ऊपर के तरफ के अंगो को पोंछें. जब बच्चा कुछ हफ्तों का हो जाए तब आप उसे पानी और साबुन से नहलाना शुरू कर सकते हैं. बच्चों के 1 साल का होने तक हफ़्ते में 3-4 दिन पानी से नहलाएँ और बाक़ी दिन स्पंज बाथ दें. बच्चे को डेली नहलाने से उसकी त्वचा रूखी हो सकती है..
कोकोनट ऑइल पर आधारित साबुन का इस्तेमाल करें क्योंकि इस तरह के साबुन न सिर्फ़ बच्चों की त्वचा पर से मैल को साफ़ करते हैं; बल्कि त्वचा को मॉइस्चराइज़ भी करते हैं. बाज़ार में मिलने वाले अधिकतर बेबी प्रोडक्ट्स यह दावा करते हैं कि वह 'ऑर्गेनिक' और 'नेचुरल' हैं पर किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उस पर लिखी सूचना को ज़रूर पढ़ लें. जिन प्रोडक्ट्स में विटामिन ई और लैवेंडर ऑइल का इस्तेमाल होता है, वे आपके बच्चे की त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. आप कोकोनट ऑइल बेस बॉडी वॉश का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और अगर उनमें एलोवेरा का एक्सट्रैक्ट हो तो वह बच्चों की त्वचा के लिए और भी फायदेमंद होते हैं. जिस साबुन को बड़े इस्तेमाल करते हैं, आप उसे अपने बेबी के लिए बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें. इससे उनकी त्वचा रूखी हो सकती है.
बच्चों पर बहुत ज़्यादा साबुन इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं होती. हमेशा देखें कि बच्चों का साबुन बहुत हल्का झाग बनाता हो और उनके पूरे शरीर को साफ़ करता हों. बेबी के बालों पर साबुन की बजाय शैम्पू लगाएँ. लेकिन लगाने के बाद ध्यान रखें कि बेबी को उससे कोई खुजली या जलन महसूस न होती हो.
सबसे पहले बच्चे के पैर पर साबुन लगाएँ और आख़िर में उसके चेहरे पर साबुन लगाएँ. अंडरआर्म, गर्दन और पैरो के पीछे की जगह बहुत नाजुक होती हैं. यहाँ पर साबुन बहुत हल्के हाथ से लगाएँ . साबुन लगाते वक़्त ध्यान रहे कि साबुन बच्चे के आँखों में न जाने पाये. बच्चे को हल्के गुनगुने पानी से नहलाएँ. ज़्याा देर तक अपने बच्चे को पानी में न रखें, इससे उसकी त्वचा रूखी हो सकती है. माइल्ड, टीयर-फ्री साबुन का ही इस्तेमाल करें.
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Written by
Khushboo Goel
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