

Baby Care
8 August 2023 को अपडेट किया गया
यह कोई राज नहीं नहीं है कि बच्चों की परवरिश करना बहुत बड़ा काम है। आखिरकार, परवरिश करने वाले व्यक्ति नन्हें इंसानों को हेल्थी, स्मार्ट, और मजबूत बना रहे होते हैं। हालांकि, यह कभी-कभी चुनौती भरा हो सकता है, लेकिन यह बहुत सुखदाई भी होता है। बच्चे की मजबूत बुनियाद को सुनिश्चित करने का एक मतलब यह भी है कि उनको सेंसरी खेलों, जैसे कि प्लश बॉल का अनुभव कराना। ये खिलौने इंद्रियों (सेंस) को विकसित करने, मोटर स्किल और बुद्धिमत्ता, याददास्त, सामाजिक और भाषा से जुड़ी स्किल को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए, अगर आप बच्चे की हर संभावना को विकसित करने में उसकी मदद करना चाहते हैं तो उसे प्लश बॉल के साथ खिलाना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
सेंसरी प्ले एक ऐसी ऐक्टिविटी है, जिससे जिससे बच्चों की इंद्रियां विकसित होती हैं। इसमें बच्चे का ध्यान और नजर तेज करने वाली पिकाबू जैसी एक्टिविटी शामिल हैं। बच्चे के बढ़ने के मुताबिक ही उनके सेंसरी खेल भी अलग-अलग हो सकते हैं। उनको तरह-तरह के चीजों और बनावट को छूने और महसूस करने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। ऐसा, टीथर या बच्चों के लिए प्लश बॉल जैसे खिलौनों के जरिए किया जा सकता है। बच्चा अपने हाथों और मुंह से अनुभव करके अपने आसपास के बारे में सीखता है।
प्लश बॉल बच्चों की मोटर स्किल बढ़ाने के लिए बहुत शानदार टूल होते हैं! ये बहुत तरह की मजेदार बनावट, वजन, आकार, और रंगों में आती है ताकि हर एक बच्चे के लिए उनमें से कोई उपयुक्त हो। साथ ही, ये नजरों और छूने के सेंस को बढ़ाने के लिए अच्छी होती हैं। ये दोनों इंद्रियां बच्चों के विकास और सीखने में महत्वपूर्ण होती हैं।
प्लश बॉल कई तरह की होती हैं और यह कभी न खत्म होने वाला आनंद दे सकती हैं। ये कई अलग-अलग तरह की बनावट, वजन, आकार, और रंगों में आती हैं। उन्हें उछालने, लुढ़काने, फेंकने, पकड़ने के अलावा और भी कई तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्हें, बच्चों में महत्वपूर्ण स्किल को विकसित करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से बनाया जाता है।
बच्चों के लिए प्लश बॉल अलग-अलग स्किल और तालमेल को बढ़ाने, ग्रॉस मोटर स्किल, और फाइन मोटर स्किल को बढ़ाने के लिए एक अच्छा जरिया होती हैं। बॉल का अनुभव स्पर्श इंद्रियों को विकसित करता है जो कि उनके आसपास की दुनिया को समझने के लिए बहुत जरूरी होता है।
जब बच्चे प्लश बॉल से खेलते हैं तो दरअसल वे अपनी तालमेल बनाने की स्किल मजबूत कर रहे होते हैं। क्योंकि, उनको बॉल से खेलने के लिए शरीर के कई अंग एक ही साथ इस्तेमाल करने होते हैं। इससे हाथों और आंखों का तालमेल और फाइन मोटर स्किल बढ़ती हैं। उदाहरण के लिए, जब एक कोई बच्चा सेंसरी बॉल उछालता है तो बॉल की गतिविधि नियंत्रितत करने के लिए उसे अपने हाथों का और उसका पीछा करने के लिए आंखों का इस्तेमाल करना होता है। इसके लिए दोनों के तालमेल की जरूरत होती है।
प्लश बॉल बच्चों के लिए उनके हाथों, बाहों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने का एक अच्छा जरिया होती हैं। बॉल को नियंत्रित करने से बच्चों की इन मांसपेशियों को इस्तेमाल करने और मजबूत करने में मदद मिलती है।
इसके साथ ही, प्लश बॉल संतुलन बढ़ाने में भी मदद करती है। इन्हें इस तरह से बनाया जाता है कि इन्हें बैलेंस करना मुश्किल हो ताकि बच्चे अपनी मांसपेशियां इस्तेमाल करें और स्वस्थ्य बनें। यह, खास तौर पर अभी चलना सीख रहे बच्चों के लिए बढ़िया होती हैं।
प्लश बॉल, अलग-अलग इंद्रियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाकर ग्रॉस मोटर स्किल बेहतर करने में मदद करने के लिए बहुत अच्छी होती है। इसमें हाथों और आंखों का तालमेल, फाइन मोटर स्किल, आंखों की गतिविधि, और भी बहुत कुछ शामिल होता है। इन स्किल को और बेहतर करने के लिए कुछ लोग एक बॉलपिट भी बनते हैं।
बच्चों के विकास के लिए उनका घूमना या गतिविधि करना जरूरी होता है। इसीलिए, बच्चों के लिए प्लश बॉल इतनी महत्वपूर्ण है। इससे, बच्चों को खिलाने में और सक्रिय बनाने में मदद मिलती है जोकि उनके शारीरिक और मानसिक हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। जब बच्चे लगातार गतिविधि करते हैं तो वे अपने शरीर और उसके काम करने के तरीके के बारे में जानते हैं। इससे उनको गतिहीन जीवन-शैली और उससे जुड़ी बीमारियों को कम करके, बाद के जीवन में भी सक्रिय रहने में मदद मिल सकती है।
बच्चों के लिए प्लश बॉल खरीदते समय कुछ बातें ध्यान में रखना चाहिए। वे बातें हैं,
· बॉल का आकार
· बॉल की बनावट
· प्लश बॉल का वजन
· बच्चे का वजन और आकार
· बच्चे की उम्र
· बच्चे की हालिया क्षमताएं
प्लश बॉल की भूमिका एक खिलौने से ज्यादा होती है और इसे बच्चों के खजाने में जोड़ना एक अच्छी बात हो सकती है। बच्चे के विकास से जुड़े इसके फायदों को देखते हुए यह एक जरूर लेने वाली चीज बन जाती है। बच्चों के विकास से जुड़े ऐसे और लेखों और जानकारियों के लिए माईलो परिवार का ब्लॉग देखें।
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Written by
Priyanka Verma
Priyanka is an experienced editor & content writer with great attention to detail. Mother to an 11-year-old, she's a ski
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